Wednesday, 2 July 2025

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर

वरुण कुमार वह नाम है जिन्होंने 2006 में जमशेदपुर से अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर की स्थापना की – यह संगठन हर सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों को रोजगार, बच्चों की पढ़ाई, मेडिकल सहायता और सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान करता है  ।

भारतीय नौसेना में चयनित रहने के बाद उन्होंने INS विनाश में सेवा दी, और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय नौसेना की कार्यवाही में शामिल रहे  ।

करीब 15 साल सेवा देने के बाद उन्होंने 2003 में नौसेना से सेवानिवृत।।

2006 से NTFF गोलमुरी में तकनीकी शिक्षा में योगदान देने लगे।2006 में पाँच सदस्यों की टीम के साथ पूर्व सैनिक सेवा परिषद की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य सैनिकों और उनके परिवारों को समाज में सम्मानित रूप से स्थापित करना ।इसके बाद यह परिषद बोकारो, धनबाद, पलामू, रांची, घाटसीला, रामगढ़, लोहरदगा और गुमला तक विस्तारित हुई।

सामाजिक गतिविधियाँ स्कूलों में करियर काउंसलिंग, विजय दिवस पराक्रम यात्रा, नेवी डे, होली, स्वतंत्रता दिवस जैसी यादगार और राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन परिषद के नेतृत्व में किया गया  ।वरुण कुमार ने  जीवन से जुड़े सामाजिक व कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है, जिसके परिणामस्वरूप पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समुदाय में सम्मान और आजीविका के साधन प्राप्त हुए हैं।जमशेदपुर में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की गतिविधियाँ निम्नलिखित हैं थल सेना दिवस समारोह 

नौसेना दिवस वायु सेवा दिवस,सैन्य सम्मेलन, पुलवामा श्रद्धांजलि 

कारगिल विजय दिवस 

1971 विजय दिवस पर पराक्रम यात्रा बरस यात्रा मोरंग दिवस,कमांडर सुभाष चन्द्र बोस,होली मिलन समारोह पौधारोषण एवं सफाई  अभियान, योग दिवस,फील्ड मार्शल सैम मानेकशा, पूर्णिमा को सम्मान्ति तीरंदाज कोमोलिय,वीश शहीद किशन सूबेदार नीरज ने स्वर्ण पदक,हवलदार राकेश कु० तिवरी 'सेना मेडल" ,एक दीपा शहीदों के नाम

 सम्मान एवं समाज कल्याण:शहीद सैनिकों के परिवारों से मिलकर दिवाली के दौरान मिठाई वितरण एवं दीपोत्सव की शुभकामनाएँ दी गईं  ।


संविदा डॉक्टरों (चाइल्ड स्पेशलिस्ट और कार्डिओलॉजिस्ट) को डॉक्टर डे पर सम्मानित किया गय।वृद्ध दिवस एंड विकलांग करने के लिए।


समानता एवं एकजुटता: संगठन पूर्व सैनिकों और मातृशक्ति को एकजुट कर राज्य सरकार और समाज के साथ संवाद से उनकी वकालत करता है  ।

राष्ट्रीय भावना प्रसार: स्वतंत्रता दिवस, विजय दिवस, पुष्पांजलि आदि आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की भावना को बढ़ावा देने का काम परिषद चलाती ।

संरचनात्मक विस्तार परिषद की जिला इकाई जमशेदपुर में सक्रिय है, जिसका नेतृत्व स्थानीय अध्यक्ष (विनय कुमार यादव), महामंत्री (जितेंद्र कुमार सिंह) और अन्य पदाधिकारी करते हैं।

निष्कर्ष:जमशेदपुर इकाई, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्व सैनिकों की सम्मानपूर्ण पहचान, रोजगार सहायता, सामाजिक एकता, एवं राष्ट्रभक्ति के प्रसार में निरंतर सक्रिय है। वह नियमित कार्यक्रमों, सम्मान समारोहों और संगठना-बढ़ोतरी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

Monday, 30 June 2025

पुलवामा दिवस

 पुलवामा दिवस


लोटकर वतन की मिट्टी में, खुशबू को करते महसूस है इम।।01।।


चिर यौवन ‌को भी कर समर्पित,

देश को रखते महफूज है हम।।2।।


फौलादी जिगर रख फोजी बनते,

दुश्मनों के लिए नासूर है हम।।03।।


पलवामा और उरी पे तुम इतराते,

शिव संकल्प संहारक है हम

।।04।।


रही है फितरत तुम्हारी गद्वारी की, 

वंशज दशरथ नंदन राम है हम।।05।।


न करना आगे हिमाकत कोई तुम,

पीओ के की तैयारी के 'अभिनन्दन "है इम।।06।।


अतः सुन हुँकार "आदित्य" की अब,

 छेड़ने पर पर छोड़‌ने की सोचते भी नहीं हम।।08।।



वरुण आदित्य प्रकाश


Tuesday, 10 June 2025

SPARSH

SPARSH: A Digital Revolution in Defence Pension Management

The System for Pension Administration (RAKSHA) - SPARSH is a pioneering initiative by the Ministry of Defence, designed to streamline pension services for Indian Armed Forces veterans and defence civilians. Launched in 2021, SPARSH replaces traditional pension disbursement methods with a transparent, efficient, and technology-driven approach.

Key Features & Benefits

  • Direct Pension Disbursement: Eliminates intermediaries, ensuring timely and accurate pension payments.

  • Self-Service Portal: Veterans can access pension details, submit grievances, and update records online.

  • Automated Pension Processing: Reduces errors and enhances efficiency in pension calculations.

  • Grievance Redressal Mechanism: Provides a structured system for resolving pension-related concerns.

  • Life Certificate Submission: Enables digital verification, simplifying annual pension authentication.

Impact on Veterans

SPARSH empowers pensioners with greater control and visibility over their pension accounts, reducing dependency on external agencies. By leveraging automation and digital accessibility, it ensures financial security and ease of pension management for those who have served the nation.

For more details, visit the official  website SPARSH

Thursday, 5 June 2025

जो लौट के घर न आए


सिपाही राम प्रसाद यादव (वीरगति प्राप्त)


     मणिपुर देश के पूर्वोत्तर में स्थित एक पहाड़ी राज्य है। इसके उत्तर में नागालैंड और दक्षिण में मिज़ोरम, पश्चिम में असम और पूर्व में इसकी सीमा म्यांमार से मिलती है। यहाँ के पर्वतीय क्षेत्रों में नागा व कुकी जनजाति के लोग निवास करते हैं। यह राज्य पिछले कई वर्षों से जातीय संघर्ष और उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र में  रहा है और वर्तमान में भी यह जातीय हिंसा और वर्ग संघर्ष से अशांत है। वर्ष 2015 की शुरुआत  में मणिपुर के सीमा क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधियाँ काफी तेज  थीं। इसके लिए  मणिपुर और म्यांमार की बिना बाड़ वाली 1,463 किलोमीटर सीमा को सरकार द्वारा सील कर दिया गया  था । सेना ने अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर उग्रवादियों के  सफाए के लिए अभियान चला रखा था  । 


     04 जून 2015 को 06 डोगरा रेजिमेंट के कुछ जवान अपने वाहनों के  काफिले के साथ  इम्फाल जा रहे थे । जब यह जवान चंदेल जिले से गुजर रहे थे, उस दौरान उन पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला कर दिया । सेना के काफिले पर आतंकवादियों द्वारा हमले की योजना नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल ऑफ़ नागालैंड (खापलांग), कांगलेई यावोल कन्ना लुप और कांगलापक कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के एक संयुक्त समूह के प्रशिक्षित आतंकवादियों ने बनायीं थी,  चंदेल जिले के पारलोंग गांव और चारोंग गांव के बीच के इलाके में उन्होंने बारूदी सुरंग बिछा दी थी, और रास्ते के किनारे छुप कर बैठे थे । जैसे ही सैन्य काफिला बारूदी सुरंगों के बीच पहुंचा तो उन्होंने काफिले पर भारी स्वचालित हथियारों, राकेटों और हैंड ग्रेनेड  से हमला बोल दिया । इस अचानक हुए हमले से सैनिक हतप्रभ रह गए । बारुदी  सुरंगों और स्वचालित हथियारों से दोतरफा हुए  हमले में सैनिकों की जबाबी कार्यवाही नाकाफी सिद्ध हुई । 4 वाहनों के  सैनिक काफिले का अधिकांश हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और बारुदी  सुरंगों में  विस्फोट के  कारण भी कई सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए । 


      उग्रवादियों द्वारा किए गए इस दुस्साही हमले में 06 डोगरा रेजिमेंट के 18 जवान वीरगति को प्राप्त हो गये ,  सिपाही राम प्रसाद यादव इन्हीं  18 बहादुर सैनिकों में से एक थे। इस हमले में सिपाही राम प्रसाद यादव के अलावा उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्ध नगर के हवलदार जगवीर सिंह,  जम्मू और कश्मीर के 07,  हिमाचल प्रदेश के 06 , कर्नाटक के  01, मध्य प्रदेश के 01 और पंजाब के 01 बहादुर जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे । उस समय यह सेना पर उग्रवादियों द्वारा किया गया सबसे बड़ा हमला था, जिसमें एक साथ इतने सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे  । 


     सिपाही राम प्रसाद यादव का जन्म 21 जनवरी 1976 को जनपद फैज़ाबाद (अयोध्या) के गांव सलारपुर में श्रीमती तिलका देवी और श्री श्रीराम यादव  के यहाँ हुआ था ।  इन्होने अपनी  स्कूली शिक्षा अपने गांव सलारपुर से पूरी की और 25 दिसम्बर 1996  को भारतीय सेना की डोगरा रेजिमेंट में भर्ती हो गए । सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के पश्चात यह  6 डोगरा  रेजीमेंट में तैनात हुए। सन् 2015 में इनकी यूनिट 6 डोगरा रेजिमेंट आतंकवादी विरोधी अभियानों में हिस्सा लेने के लिए मणिपुर में तैनात थी। इनके माता पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है इनके परिवार में इनकी पत्नी श्रीमती जानकी देवी, दो बेटियां - सविता यादव तथा अदिति यादव और तीन बेटे - रामपाल यादव , विकास यादव तथा विवेक यादव हैं । इनकी बड़ी बेटी सविता यादव की शादी हो चुकी है तथा इनके दूसरे नंबर के बेटे विवेक यादव अपने पिता के नक्शे-कदम पर चलते हुए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


  सिपाही राम प्रसाद यादव की वीरता और बलिदान को याद रखने के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 पर सहादतगंज बाईपास के पास स्थित एक पार्क का नामकरण इनके नाम पर किया गया है।


      


    -हरी राम यादव 

    सूबेदार मेजर (आनरेरी)

    अयोध्या/लखनऊ

     7087815074

Monday, 21 April 2025

राष्ट्रीय नागरी सेवा दिन

 आज 21 एप्रिल...

राष्ट्रीय नागरी सेवा दिन, National Civil Services Day...

 

भारत दरवर्षी 21 एप्रिल रोजी राष्ट्रीय नागरी सेवा दिन साजरा करतो. स्वतंत्र भारताचे पहिले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल यांनी 1947 मध्ये दिल्लीच्या मेटकाफ हाऊसमध्ये प्रशासकीय सेवा अधिकाऱ्यांच्या परिवीक्षाधीनांना संबोधित केले त्या दिवसाच्या स्मरणार्थ हा दिवस साजरा केला जातो.

 

नागरी सेवा म्हणजे काय..?

 

नागरी सेवा हे राज्याच्या प्रशासकीय यंत्रणेला इंग्रजीत दिलेले सामान्य नाव आहे. हा शब्द प्रथम ब्रिटीश प्रशासनामध्ये भारतात आणि नंतर यूके (1854) मध्ये सादर करण्यात आला आणि केंद्र सरकारद्वारे नियुक्त केलेल्या नागरी (म्हणजे, गैर-लष्करी आणि गैर-न्यायिक) प्रशासकांसाठी जवळजवळ सर्वव्यापी समानार्थी बनला आहे.

 

भारतातील नागरी सेवांचे कोणते प्रकार आहेत..?

 

भारतातील नागरी सेवा तीन मुख्य श्रेणींमध्ये विभागल्या आहेत: अखिल भारतीय सेवा, केंद्रीय नागरी सेवा आणि राज्य नागरी सेवा. अखिल भारतीय सेवांमध्ये भारतीय प्रशासकीय सेवा (IAS), भारतीय पोलीस सेवा (IPS) आणि भारतीय वन सेवा (IFoS) यांचा समावेश होतो.

 

भारतातील नागरी सेवांच्या घटनात्मक तरतूदी कोणत्या आहेत..?

 

भारतीय राज्यघटनेच्या या विशिष्ट भागांतर्गत A-308 ते 323 अंतर्गत विस्तृत तरतुदी केल्या आहेत आणि हे लेख केंद्र आणि राज्य सरकारच्या अंतर्गत असलेल्या सेवांबद्दल स्पष्ट करतात आणि जे नागरी सेवांचे स्थायी सदस्य बनतात त्यांच्यावर सर्व अधिकार आणि अधिकार आहेत.

 

नागरी सेवकांची जबाबदारी आणि कर्तव्ये काय आहेत..?

 

सार्वजनिक सेवा वितरण: नागरी सेवक नागरिकांपर्यंत सार्वजनिक सेवा पोहोचविण्याची जबाबदारी घेतात. यामध्ये आरोग्यसेवा, शिक्षण, वाहतूक, कायद्याची अंमलबजावणी आणि सामाजिक कल्याण यासारख्या सेवा प्रदान करणे समाविष्ट आहे. या सेवा सुलभ, कार्यक्षम आणि लोकांच्या गरजा पूर्ण करतात याची खात्री करण्यासाठी ते कार्य करतात.

 

भारतातील नागरी सेवेतील अधिकाऱ्यांना प्रशिक्षण देण्यासाठी 1800 साली कोणते कॉलेज सुरू केले होते..?

 

फोर्ट विल्यम कॉलेजची स्थापना लॉर्ड वेलस्ली यांनी केली होती, ज्यांनी 1798 ते 1805 पर्यंत भारताचे राज्यपाल म्हणून भारतातील ब्रिटिश नागरी सेवकांच्या शिक्षण आणि प्रशिक्षणाची गुणवत्ता सुधारण्याच्या उद्देशाने काम केले होते.

 

लोकशाहीत जबाबदार नागरिकांची कोणती चार कर्तव्ये आहेत..?

 

वैज्ञानिक स्वभाव, मानवतावाद आणि चौकशी आणि सुधारणेची भावना विकसित करणे. सार्वजनिक मालमत्तेचे रक्षण करणे आणि हिंसाचार टाळणे. वैयक्तिक आणि सामूहिक क्रियाकलापांच्या सर्व क्षेत्रात उत्कृष्टतेसाठी प्रयत्न करणे, जेणेकरून राष्ट्र सतत प्रयत्न आणि कर्तृत्वाच्या उच्च पातळीपर्यंत पोहोचेल.

 

देशातील सर्व नागरिकांना समर्पित भावनेने नागरी सेवा देणाऱ्या कर्मचाऱ्यांचा सन्मान करण्याचा दिवस. या सर्व प्रशासकीय यंत्रणेला आज नागरी सेवा दिनाच्या हार्दिक शुभेच्छा..