Sunday, 12 April 2026

अखिल भारतीय पूर्वसैनिक सेवा परिषद , झारखंड के प्रदेश प्रबंधन समिति का पुनर्गठन

  अखिल भारतीय पूर्वसैनिक सेवा परिषद, झारखंड के प्रदेश प्रबंधन समिति के पुनर्गठन हेतु, झारखंड राज्य के सभी जिलों के पूर्व सैनिकों कि एक आम सभा का आयोजन किया गया । यह बैठक आज दिनांक 12  अप्रैल 2026 को अपराह्न 12  बजे , राज्य सैनिक कल्याण निदेशालय , रांची, झारखंड के सभागार मे सम्पन्न हुई । इस बैठक में संगठन के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एयर वाईस मार्शल एच पी सिंह , वीर चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल , प्रदेश अध्यक्ष कर्नल अखौरी रंजन सिन्हा, प्रदेश उपाध्यक्ष कर्नल नीलांबर झा , प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय , प्रदेश महामंत्री सिद्धनाथ सिंह , प्रदेश संगठन मंत्री, रवि रंजन दुबे एवं रंजन कुमार सिंह , प्रदेश सचिव चुन्नू कुमार सहित सभी प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे । आमसभा बैठक का आरंभ भारत माता कि वंदना , माल्यार्पण , पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया  गया । उपस्थित सभा ने संगठन गीत गा कर संगठन एवं राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के संकल्प को दुहराया ।

 

सर्वप्रथम प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश पाण्डेय ने आम सभा को आज हो रही बैठक का विषय प्रवेश कराया और प्रदेश समिति द्वारा विगत कार्यकाल का लेखा जोखा प्रस्तुत किया । निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष कर्नल अखौरी रंजन सिन्हा ने वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का स्वागत करते हुए अपना अध्यक्षीय सम्बोधन दिया जिसमे संगठन कि विभिन्न उपलब्धियों एवं रचनात्मक कार्यों का उल्लेख किया । साथ ही उन्होंने पूर्व सैनिकों कि अपार क्षमताओ एवं समाज तथा राष्ट्र मे उनके द्वारा किए जा सकने वाले रचनात्मक राष्ट्रवादी कार्यों कि संभावना एवं उत्कृष्ट समाज एवं राष्ट्र निर्माण मे उनकी महती भूमिका पर अत्यंत प्रेरणादायक सम्बोधन दिया ।

 

इसके उपरांत राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एयर वाईस मार्शल एच पी सिंह , वीर चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल के निर्देशन मे प्रदेश प्रबंधन समिति के पुनर्गठन कि प्रक्रिया आरंभ हुई । उपस्थित सभा ने  सर्वसम्मति से कर्नल नीलांबर झा को अपना प्रदेश अध्यक्ष चुना । साथ ही कर्नल अखौरी रंजन सिन्हा से प्रदेश संरक्षक के दायित्व का आग्रह किया गया , जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया । उपस्थित आम सभा ने करतल ध्वनि से दोनों का स्वागत एवं सम्मान किया एवं माँ भारती के जयघोष से पूरा सभागार गूंज उठा । राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एयर वाईस मार्शल एच पी सिंह , वीर चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल ने दोनों के चयन को अनुमोदित किया एवं दोनों को अपनी बधाई प्रेषित कि । 

 

इसके उपरांत प्रदेश महामंत्री के चयन कि प्रक्रिया आरंभ हुई जिसमे सभा ने पी ओ सिद्धनाथ सिंह को सर्वसम्मति से अपना महामंत्री चुना । प्रदेश कोषाध्यक्ष के लिए अजय विश्वकर्मा का नाम सर्वसम्मति से पारित हुआ । नवगठित प्रदेश समिति के चयनित पदाधिकारियों का दायित्व निम्नलिखित है ।

 

प्रदेश संरक्षक  : कर्नल अखौरी रंजन सिन्हा

 

प्रदेश अध्यक्ष :  कर्नल नीलांबर झा

 

प्रदेश उपाध्यक्ष : पी ओ वरुण कुमार

 

प्रदेश उपाध्यक्ष : पी ओ राजेश पाण्डेय

 

प्रदेश महामंत्री : पी ओ सिद्धनाथ सिंह

 

प्रदेश सचिव :  सी पी ओ चुन्नू कुमार

 

प्रदेश संगठन मंत्री  :   हवलदार रवि रंजन दुबे 

 

प्रदेश संगठन मंत्री  :  हवलदार रंजन कुमार सिंह

 

प्रदेश कोषाध्यक्ष  :  हवलदार अजय कुमार विश्वकर्मा

 

राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एयर वाईस मार्शल एच पी सिंह , वीर चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल ने सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई दिया एवं अखिल भारतीय पूर्वसैनिक सेवा परिषद, झारखंड कि प्रबंधन समिति के गठन पर अपनी आधिकारिक मुहर लगाई । अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष एयर वाईस मार्शल एच पी सिंह , वीर चक्र, विशिष्ट सेवा मेडल ने आमसभा मे उपस्थित पूर्वसैनिक से आवाहन किया कि अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड के प्रत्येक सदस्य अपने एकत्रित प्रयास से राष्ट्रहित, समाजहित एवं सैन्यहीत के ध्येय पथ पर चलते हुए संगठन को परम वैभव पर ले जाने का सतत प्रयास करेंगे तथा संगठन, समाज एवं राष्ट्र को विघटित करने वाले सभी तत्वों से समाज कि रक्षा करेंगे।

 

धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश महामंत्री सिद्धनाथ सिंह ने किया ।

 

प्रकाशनार्थ एवं साभार

 

सिद्धनाथ सिंह

प्रदेश महामंत्री मंत्री

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद

झारखंड प्रदेश

दूरभाष :  8210010819

 

Saturday, 11 April 2026

Birgadier Shirkant Prasad Purohit

भारतीय सेना में दुर्लभ पदोन्नति: कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नत किया गया, सैम मानेकशॉ के बाद दूसरे पद पर।

कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति के लिए मंजूरी मिल गई है। वे बल के इतिहास में दूसरे ऐसे अधिकारी बन गए हैं जिन्होंने कर्नल स्तर पर किसी यूनिट की कमान संभाले बिना यह पदोन्नति हासिल की है। इससे पहले यह उपलब्धि दिग्गज फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने हासिल की थी।नई दिल्ली: भारतीय सेना के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि में, कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित को ब्रिगेडियर पद पर पदोन्नति के लिए मंजूरी मिल गई है। वे सेना के इतिहास में केवल दूसरे ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने कर्नल स्तर पर किसी इकाई की कमान संभाले बिना यह पदोन्नति हासिल की है। इससे पहले यह उपलब्धि भारत के महानतम सैन्य नेताओं में से एक, दिग्गज फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ ने हासिल की थी।

यह असाधारण निर्णय 17 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद आया है, जिसमें सैन्य खुफिया कोर के अधिकारी कर्नल पुरोहित को 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में उनकी संलिप्तता सहित कई गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जुलाई 2025 में एक विशेष अदालत ने अपर्याप्त साक्ष्यों के कारण उन्हें बरी कर दिया, जिससे उनकी बहाली और करियर में प्रगति का मार्ग प्रशस्त हुआ। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण द्वारा 31 मार्च, 2026 को उनकी आसन्न सेवानिवृत्ति को रोकने के लिए हस्तक्षेप करने के कुछ सप्ताह बाद, सेना ने लंबी सुनवाई के कारण हुई बाधाओं को स्वीकार करते हुए उनकी पदोन्नति की समीक्षा की और उसे मंजूरी दे दी।

कर्नल पुरोहित, जिन्हें 1994 में मराठा लाइट इन्फैंट्री में कमीशन मिला था और बाद में उन्होंने जम्मू और कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों में सेवा की थी, नवंबर 2008 में अपनी गिरफ्तारी से पहले लेफ्टिनेंट कर्नल के पद तक पहुंच गए थे। जमानत मिलने से पहले उन्होंने लगभग नौ साल हिरासत में बिताए और बरी होने के बाद सितंबर 2025 में उन्हें पूर्ण कर्नल के पद पर पदोन्नत किया गया।

फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ, जिन्हें प्यार से "सैम बहादुर" कहा जाता था, भारतीय सैन्य इतिहास की एक महान हस्ती थे। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उनके नेतृत्व ने बांग्लादेश की मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और वे रणनीतिक कुशलता और वीरता के प्रतीक बने हुए हैं। कर्नल पुरोहित भी इस विशिष्ट समूह में शामिल हो गए हैं।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि कर्नल रैंक पर यूनिट कमांड की पारंपरिक आवश्यकता को दरकिनार करते हुए इस तरह की पदोन्नतियाँ बहुत कम दी जाती हैं और केवल उत्कृष्ट समग्र सेवा और विशिष्ट परिस्थितियों के मामलों में ही दी जाती हैं। कर्नल पुरोहित के मामले में, यह निर्णय उनके करियर में आई उन बाधाओं को भी दूर करता है, जिनका सीधा संबंध उनके द्वारा की गई जांच और मुकदमे से था, जिसके कारण उन्हें समय पर पदोन्नति नहीं मिल पाई।

फील्ड मार्शल मानेकशॉ ने एक बार अपने सफर के बारे में मशहूर टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह अटूट सेवा की भावना का प्रतीक है। इसी तरह, कर्नल पुरोहित की पदोन्नति भारतीय सेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है।

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