Monday, 17 July 2023

आजाद हिंद फौज के कैप्टन सोमेंद्र कर्मकार की पत्नी वीर नारी निर्मला कर्मकार को दी गई अंतिम विदाई

 मोइरंग पर नेताजी के साथ झंडा फहराने वाले आजाद हिंद फौज के कैप्टन सौमेन्द्र कर्मकार की पत्नी वीर नारी नीलिमा कर्मकार का उनके निवास स्थान पर ही आज शाम देहांत हो गया।लंबे दिनों से उनकी देखभाल कर रहे अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद्  जमशेदपुर के नवेन्दु गांगुली के मुताबिक वीर नारी नीलिमा जी कई दिनों से बीमार चल रही थी एवं कोई काम करने में असमर्थ थी लेकिन शहर में एक भी हॉस्पिटल नहीं था ,जो आगे आकर कहे की ऐसे वीर नारी का ईलाज हमारे हॉस्पिटल में होगा, यह हमारे जमशेदपुर के लिए दुर्भाग्य की बात है। उनका अंतिम संस्कार आज भुईयाडीह घाट पर संपन्न होगा।

आजाद हिंद फौज के कैप्टन सोमेंद्र कर्मकार की पत्नी वीर नारी निर्मला कर्मकार को दी गई अंतिम विदाई


अभी कुछ दिन पहले ही मोईरंग दिवस के उपलक्ष में सैन्य मातृशक्ति एवं पूर्व सैनिक सेवा परिषद ने वीर नारी निर्मला जी से मिलकर उनका हालचाल जाना था।पूरा सैन्य समाज वीर नारी के नमन करता है एवं नम आंखों से उन्हें आखिरी विदाई देने एकत्रित हुए।

दयाभुषण
मीडिया प्रभारी

झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा प्रायोजित जिला इकाइयों की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न

 झारखंड प्रदेश कार्यकारिणी द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल वी के चतुर्वेदी (से.नि.) के साथ जिला इकाइयों की महत्वपूर्ण बैठक राज्य सैनिक निदेशालय सभागर, रांची में सम्पन्न हुई।

     बैठक बहुत ही भव्य, शानदार एवम अर्थपूर्ण रहा। झारखंड राज्य की प्रदेश कार्यकारिणी सह प्रदेश के सभी जिला परिषदों से जिला अध्यक्ष, पदाधिकारीगण व पूर्व सैनिकों की बहुतायत में उपस्थिति रही।राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ बतौर मेहमान वाइस एडमिरल मदन पूरी (से.नि.) एवम श्री वेंकटेश्वर बालाजी तथा श्री मति ममता बालाजी भी उपस्थित रहीं। 

    प्रदेश अध्यक्ष कर्नल अखौरी आर सिन्हा (से.नि.) एवम जिला परिषद रांची ने राष्ट्रीय अध्यक्ष सह सभी मेहमानों का फूलों की गुलदस्ता से स्वागत एवम अंग वस्त्र से सम्मानित किया।  राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भारत माता की तश्वीर को पुष्पांजलि अर्पित कर सभा का प्रारंभ किया।  

    प्रदेश अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल वी के चतुर्वेदी के समक्ष सभी जिला अध्यक्षों ने पूर्व सौनिकों से संवंधित मुद्दों को रखा, जिसमे मुख्य रूप से ईसीएचएस, कैंटीन सुविधाएं, डीजीआर प्रदत्त सेवाओं में हो रही धांधली एवम ओआरओपी की विसंगतियों जैसे महत्वपूर्ण विषय का समावेश रहा। 



    राष्ट्रीय अध्यक्ष ने व्यक्तिगत प्रयास, आवश्यक पत्राचार एवम रक्षा मंत्रालय से वेहतर समन्वय द्वारा इन समस्याओं के निश्चित समाधान का विश्वास व्यक्त किया। उनके साथ आए सायबर सुरक्षा विशेषज्ञ श्री वेंकटेश्वर बालाजी  ने सायबर सुरक्षा की आवश्यकता एवम इसके प्रति जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया एवम इससे संवंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों को पूर्व सैनिकों संग साझा किया। 

    वायस एडमिरल श्री पूरी ने भी अपने नौसेना में सेवा के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा किया एवम पूर्व सैनिकों की एकता पर बल दिया। इसके उपरांत पूर्व सैनिकों के हित मे हो रहे विभिन्न कार्यों को राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा बताया गया। उन्होंने कहा कि, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्णतः पूर्व सैनिकों के हितों के प्रति समर्पित है एवम प्रदेश के सभी पूर्व सैनिक इस संगठन से जुड़ न केवल अपनी समस्याओं का उच्च स्तरीय पहुँच को सुनिश्चित कर सकतें हैं बल्कि उनके निश्चित समाधान के प्रति भी विश्वास रख सकतें हैं। अपने संबोधन में उन्होंने सभी पूर्व सैनिकों को सलाह दी कि, शोशल मीडिया पर पूर्व सैनिकों के ओ आर ओ पी संवंधित विषयों पर विभिन्न सैन्य संगठनों के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रांतियों एवम अफवाहों से स्वयं को सुरक्षित रखें। इस विषय पर किसी भी प्रकार की अशुद्धियों के समाधान के प्रति सरकार एवम सेना के संवंधित विभागे पूर्णतः संवेदनशील हैं। अंत मे प्रदेश समिति द्वारा राष्ट्रीय अध्य्क्ष को मोमेंटो प्रदान की गई एवम प्रदेश समिति द्वारा आयोजित वेहतरीन सामूहिक भोज के साथ बैठक समाप्त हुई।



बैठक में प्रदेश अध्यक्ष कर्नल ए आर सिन्हा, उपाध्यक्ष श्री राजेश पांडे, महामंत्री श्री सिद्धनाथ सिंह, कोषाध्यक्ष श्री पी के मिश्रा, सचिव श्री चुनु कुमार, श्री अनुप कुमार, जिलाध्यक्ष रांची श्री कैलाश मिश्रा, जिलाध्यक्ष बोकारो श्री ललन प्रसाद ठाकुर, जिलाध्यक्ष लोहरदगा श्री सूर्य नारायण ओरांव, जिलाध्यक्ष धनबाद श्री आर के सिंह, जिलाध्यक्ष हजारीबाग कैप्टन डी डी त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष जमशेदपुर श्री विनय यादव, जिलाध्यक्ष रामगढ़ श्री बी बी सिंह सह प्रदेश एवम जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी एवम विभिन्न जिलों के अनेकानेक पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।


Friday, 14 July 2023

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर ने किया राष्ट्रीय अध्यक्ष जनरल वीके चतुर्वेदी का स्वागत

    अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद (ABPSSP)के राष्ट्रीय अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल वीके चतुर्वेदी एक कार्यक्रम में शामिल होने गुरुवार को जमशेदपुर पहुंचे थे। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की जिला इकाई के प्रतिनिधि जिला अध्यक्ष हवलदार विनय यादव एवं जिला महामंत्री हवलदार जितेंद्र सिंह एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पेटी ऑफिसर राजेश पांडे के नेतृत्व में सभी करीम सिटी कॉलेज मे जनरल चतुर्वेदी से मिले। इस दौरान संगठन के विस्तार और पूर्व सैनिकों की समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक का आरंभ भारत माता कि वंदना , माल्यार्पण , पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया । फिर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनरल चतुर्वेदी ने पूर्वसैनिक सदस्यों से आवाहन किया कि अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर जिला इकाई के प्रत्येक सदस्य अपने एकत्रित प्रयास से राष्ट्रहित, समाजहित एवं सैन्यहीत के ध्येय पथ पर चलते हुए संगठन को परम वैभव पर ले जाने का सतत प्रयास करेंगे तथा संगठन, समाज एवं राष्ट्र को विघटित करने वाले सभी तत्वों से समाज कि रक्षा करेंगे।
इस बैठक मे पेटी ऑफिसर वरुण कुमार को संगठन कि स्थापना काल से पूरे झारखंड राज्य मे संगठन के प्रचार प्रसार एवं विस्तार हेतु उनके द्वारा किए गए सतत प्रयासों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन जसवीर सिंह ने किया ।



     इस बैठक में संगठन के संस्थापक वरुण कुमार एवम संरक्षक जसबीर सिंह,के साथ मनोज कुमार सिंह अवधेश कुमार , सुखविंदर सिंह बिरजू कुमार, वाई के मिश्रा, बिमल ओझा ,ललित चौधरी ,गौतम लाल ,विजय कुमार,नवल किशोर पाठक, सत्येंद्र सिंह दीपक शर्मा ,दया भूषण ,विष्णु देव प्रसाद ,अनिल सिन्हा ,देवेंद्र कुमार यादव ,दयानंद सिंह,संतोष कुमार ,सुजॉय मुखर्जी, किशोरी, शैलेश सिंह,निर्मल कुमार ,संजय सिंह, निरंजन कुमार,प्रमोद कुमार सिंह नवमी सिंह,काशीनाथ, रास कुंज शर्मा,सुरेन्द्र सिंह, पंकज शर्मा, सत्यप्रकाश,उमेश राजपूत,रमेश प्रसाद, कृष्ण मोहन सिंह, एलबी सिंह,पी के सिंह उपस्स्थत रहे 



 विनय यादव 
जिला अध्यक्ष

Wednesday, 12 July 2023

तोलोलिंग के महावीर : मेजर विवेक गुप्ता

    पाकिस्तान से लगती हमारी सीमा की लम्बाई 814 किलोमीटर है जो कि कच्छ के रण, राजस्थान के मरुस्थल और जम्मू-कश्मीर की गगनचुंबी पहाड़ों और गहरी खाइयों से होकर गुजरती है। ऐसे में सीमा की निगरानी बहुत चुनौतीपूर्ण कार्य है। कश्मीर के पहाड़ों पर साल के कई महीनों तक बर्फ जमी रहती है और तापमान शून्य से नीचे रहता है। ऐसी स्थिति में इन पहाड़ों पर रहना मुश्किल का काम है।  वर्ष 1999 से पहले दोनों देशों की सेनाएं सर्दियों में ऊंचाई पर स्थित सीमा चौकियों को खाली कर पीछे चली जाती थी और तापमान बढ़ने के बाद पुनः उन सीमा चौकियों पर वापस आती थीं। 


    इसी स्थिति का फायदा उठाकर पाकिस्तान की सेना ने 1999 में कारगिल, द्रास, मश्कोह, बटालिक आदि अनेक महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर अपना ठिकाना बना लिया था। उनका मकसद एन एच 1 पर नियंत्रण कर आपूर्ति व्यवस्था को काटना और हमारी सीमा चौकियों पर कब्जा जमाना था। 03 मई 1999 को पहली बार इस घुसपैठ की सूचना  एक स्थानीय चरवाहे ने दी।  तत्काल सेना ने एक्शन लिया और सेना मुख्यालय और प्रधानमंत्री को स्थिति से अवगत कराया। उस समय देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार थी और प्रधानमंत्री थे स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई।

 सेना ने पाकिस्तानी घुसपैठियों  को शीघ्र मार भगाने का फैसला लिया। इसी क्रम में 2 राजपूताना राइफल्स को तोलोलिंग चोटी पर फतह हासिल करने का जिम्मा सौंपा गया। महावीर चक्र विजेता मेजर विवेक गुप्ता इसी यूनिट का हिस्सा थे।

    मेजर विवेक गुप्ता का जन्म 02 जनवरी 1970 को देहरादून में हुआ था। उनके पिता कर्नल बी आर एस गुप्ता भी सेना में थे। इनकी स्कूली शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल धौलाकुआं, नई दिल्ली में  हुई। 13 जून 1992 को भारतीय सेना की 2 राजपूताना राइफल में कमीशन लिया। कारगिल युध्द के समय इनकी यूनिट 2 राजपूताना राइफल द्रास सेक्टर में तैनात थी। मेजर  विवेक गुप्ता 2 राजपूताना राइफल की चार्ली कंपनी का नेतृत्व कर रहे थे। 13 जून 1999 को उनकी यूनिट को द्रास सेक्टर में स्थित तोलोलिंग  चोटी पर हमला करने का आदेश मिला। पाकिस्तान की तरफ से तोपखाने और स्वचालित हथियारों से लगातार फायरिंग हो रही थी।  बिना परवाह किए हुए मेजर विवेक गुप्ता का दल आगे बढ़ता रहा। उनका दल जैसे ही आड़ से बाहर आया दुश्मन ने चारों ओर से फायर करना शुरू कर दिया। उनकी अग्रिम टुकड़ी के तीन सैनिकों को गोलियां लगीं। इसी कारण कुछ देर के लिए आगे बढ़ना रूक गया।

    मेजर विवेक गुप्ता ने सब कुछ ठीक जानकर ज्यादा देर तक वहां रूकना उचित नहीं समझा क्योंकि वहां पर दुश्मन भारी गोलीबारी कर रहा था। मेजर गुप्ता ने मौका देखकर एक राकेट लांचर दुश्मन की तरफ दाग दिया।  दुश्मन को संभलने का मौका दिए बिना मेजर गुप्ता ने दुश्मन के ठिकाने पर हमला बोल दिया।  शत्रु के पास पहुंचते ही दुश्मन से आमने सामने भिड़ गये। बिना खुद के कुछ नुकसान के उन्होनें तीन पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। 

      मेजर गुप्ता की इस बहादुरी को देखकर उनके साथी पाकिस्तानी सैनिकों पर टूट पड़े और वहां पर कब्जा जमा लिया। इसी बीच दूसरी तरफ बैठे पाकिस्तानी सैनिकों ने मेजर गुप्ता के ऊपर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। मेजर गुप्ता गंभीर रुप से घायल हो गए। घायल होने के बाद भी मेजर विवेक गुप्ता अंतिम सांस तक दुश्मनों से लडते रहे।  रण क्षेत्र में पराक्रम और असाधारण वीरता प्रदर्शित करने के लिए मेजर विवेक गुप्ता को 13 जून 1999 को  मरणोपरांत देश के दूसरे सबसे बड़े सम्मान  "महावीर चक्र" से सम्मानित किया गया । 

    मेजर विवेक गुप्ता का पार्थिव शरीर जब दिल्ली पहुंचा तो उनके अंतिम दर्शनों के लिए आम लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरी दिल्ली तोलोलिंग के  नायक को अंतिम विदाई देना चाहती थी। मेजर विवेक गुप्ता की पत्नी कैप्टन जयश्री भी सेना की ड्रेस में वहां पहुंची थीं, उन्होंने  जब अपने वीरगति प्राप्त पति को  सैन्य धुन पर सलामी दी तो पूरी भीड़ की आंखों से आंसू बह निकले। पूरा क्षेत्र "विवेक गुप्ता अमर रहे" के नारों से गूंज उठा।

        - हरी राम यादव
          7087815074

Monday, 3 July 2023

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के प्रतिनिधि द्रास पहुंचे, द्रास मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के प्रतिनिधि द्रास पहुंचे, द्रास मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया


अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के प्रतिनिधि द्रास पहुंचे, द्रास मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया

अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के प्रतिनिधि द्रास पहुंचे, द्रास मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित किया


    अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद ,राष्ट्र के लिये सदैव समर्पित एवं राष्ट प्रथम के घोष वाक्य को चरितार्थ करने के लिये पूरे वर्ष कई कार्यक्रम करती है।

    भारत के सैन्य इतिहास में कारगिल युद्ध का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। दुर्गम चोटियों में भारतीय सेना ने लड़ते हुए 27 जुलाई 1999 को विजय तिरंगा फ़हराया था। उस स्थान को देखने के लिए हर गौरव सेनानी (आर्मी नेव्ही एवं एयर फोर्स) का मन रहता ह।अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर के प्रतिनिधिगण द्रास पहुंच वीर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कारगिल द्रास यात्रा का आयोजन सन् 2011 से प्रारंभ हुआ था। इस वर्ष सेना के सहयोग से कारगिल द्रास यात्रा 2023, आयोजित किया गया। जिसमें पूरे देश से करीब50 सैनिक शामिल हुए।श्रीनगर कोर कमांड एवं लेह कोर कमांड के सीनियर अधिकारियों एवं समर्पित जवानों के सहयोग से कारगिल द्रास यात्रा को सुरक्षित सुखद एवं ऐतिहासिक बनाने में अतुल्य सहयोग है।यह यात्रा अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी,राष्ट्रीय महामंत्री ब्रिगेडियर डी एस त्रिपाठी के नेतृत्व में हो रहा है।झारखण्ड प्रदेश के जमशेदपुर जिले से वरिष्ठ सदस्य भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त एसके सिंह एवं भारतीय नौसेना से सेवनिर्वित बॉक्सर अमरनाथ डोके के साथ-साथ सैन्य मातृशक्ति से उर्मिला सिंह एवं अनुराधा डोके शामिल हुए वही बोकारो जिले से नौसेना से सेवानिर्वित जितेंद्र पांडे और शशिकांत सिंह मौजूद रहे।


    सर्वप्रथम श्रीनगर के बदामी बाग में शहीद स्मारक पर सभी मौजूद सैनिक साथियों एवं सैन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद सैन्य म्यूजियम में अपने वीर योद्धाओं और स्वतंत्र भारतवर्ष की विभिन्न युद्धों के विवरणों, व्याख्यानों एवं युद्ध में प्रयुक्त विभिन्न अस्त्र - शस्त्रों की जानकारी प्राप्त किए। इस यात्रा के दौरान द्रास के वार मैमोरियल में कारगिल के वीर सेनानियों को पुष्प श्रद्धांजली , और 559 बलिदानी सेनानियों की समाधि पर नमन और आर्मी अफसरों द्वारा ब्रीफिंग मुख्य आकर्षण रहा।उसके उपरान्त सभी सदस्यों ने अपने वीर योद्धाओं को नमन कर अपनी पुष्प श्रद्धांजलि अर्पित की एवं अमर शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि अर्पित किया। वहीं सभागारों में वीडियो प्रस्तुति एवं व्याख्यानों के दौरान पूरा वातावरण भारत माता की जय, वंदे मातरम, कारगिल के वीर शहीद अमर रहें, भारतीय सेना जिंदाबाद आदि नारों से गूंजता रहा।
यात्रा का अगला पड़ाव था कारगिल मे आर्मी अधिकारियों द्वारा आयोजित श्रद्धांजली समारोह कारगिल युद्ध स्मारक पर और कारगिल युद्ध के बारे वार रूम से विस्तार में जानकारी ।


बिनय कुमार यादव
जिला अध्यक्ष