Wednesday, 1 November 2017

सेना एविएशन कोर ने 32वां स्‍थापना दिवस मनाया

सेना एविएशन कोर ने 01 नवम्‍बर, 2017 को अपना 32वां स्‍थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर इंडिया गेट के अमर जवान ज्‍योति पर माल्‍यार्पण समारोह का आयोजन किया गया। कर्नल कमांडेंट और सेना एविएशन कोर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल कंवल कुमार तथा अधिकारियों व सैन्‍य कर्मियों ने माल्‍यार्पण किया।

     सेना एविएशन कोर,  भारतीय सेना का एरियल मेन्‍यूवर इकाई है जिसने सीमा पर हमारे जवानों को महत्‍वपूर्ण एविएशन सहायता प्रदान की है और राष्‍ट्रीय आपदा के समय आम नागरिकों को मदद पहुंचाने में भी महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Monday, 30 October 2017

Vice Admiral Ajit Kumar P, AVSM VSM assumes charge as the Vice Chief of Naval Staff (VCNS)

            Vice Admiral Ajit Kumar P, AVSM, VSM has assumed charge as the Vice Chief of Naval Staff from Vice Admiral Karambir Singh AVSM at a formal ceremony held this morning at South Block, New Delhi. Vice Admiral Karambir Singh proceeds to Visakhapatnam and is scheduled to take over as Flag Officer Commanding-in-Chief Eastern Naval Command on 31 Oct 17.

            Vice Admiral Ajit Kumar P, AVSM, VSM is an alumni of the National Defence Academy. The Flag Officer was commissioned in the Indian Navy on 01 Jul 81 and is a specialist in Missiles & Gunnery. The Flag Officer has had extensive operational tenures onboard frontline warships of the Indian Navy. He has had the distinction of having commanded six seagoing platforms which include the guided missile corvette Kulish (commissioning), the guided missile frigate Talwar, the guided missile destroyers Mumbai and Mysore. The officer has done the Naval Higher Command Course and is also an alumni of the Naval War College, Newport, Rhode Island, USA.

            His important shore/ staff assignments include Director Maritime Warfare Centre, Visakhapatnam, Commanding Officer of INS Dronacharya, Kochi, Chief Staff Officer (Operations) of the Western Naval Command, Mumbai.

            He was promoted to Flag Rank in Sep 2009 and as a Rear Admiral, his assignments included Assistant Chief of Personnel (HRD) at Naval Headquarters, Flag Officer Commanding Eastern Fleet (FOCEF) and Chief of Staff of Southern Naval Command. On promotion to the Rank of Vice Admiral on 01 Dec 13, he was appointed as the Commandant of the Indian Naval Academy, Ezhimala and thereafter has completed two joint service tenures as Principal Staff Officer at Headquarters Integrated Defence Staff, tenanting the billets of Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Operations) and Deputy Chief of Integrated Defence Staff (Policy Planning & Force Development).

 

DKS/GY    

Sunday, 29 October 2017

Visit of Chief of the Air Staff to Vietnam

      Air Chief Marshal Birender Singh Dhanoa, Chief of the Air Staff is on an official visit to Vietnam from 30 Oct 17 to 03 Nov 17.

     During his visit, he is scheduled to hold bilateral meeting with top brass of the Vietnam People’s Air Force and Air Defence (VPAF) on security challenges in the current geopolitical scenario and explore ways to deepen the defence cooperation further. The main focus of the visit would be on improving bilateral relations, promoting defence ties and evolving steps to further strengthen defence cooperation between the two Air Forces.
The CAS would visit the Headquarters of Vietnam People’s Air Force and Air Defence (VPAF) and a few operational air bases as well.

Saturday, 28 October 2017

रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को धार देने के लिए रक्षा मंत्री ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से वार्तालाप किया

रक्षा मंत्री श्रीमती निर्मला सीता रमण ने रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को धार देने के लिए एक राउंड टेबल बैठक में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के प्रतिनिधियों से वार्तालाप किया, जिनमें भारतीय कंपनियों और विदेशी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल थे। वर्तमान सरकार ने रक्षा उत्‍पादन नीति-2016 लागू करने सहित अनेक महत्‍वपूर्ण नीतिगत उपाय किए हैं। इस नीति में अन्‍य बातों के अलावा रक्षा साजोसामान के डिजाइन और विर्माण में स्‍वदेशी को बढ़ावा दिया गया है।

राउंड टेबल बैठक में रक्षा विनिर्माण में निजी भागीदारी संबंधी विभिन्‍न मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। इसमें यह आश्वासन दिया गया कि वर्तमान सरकार रक्षा क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने के मार्ग में आने वाली सभी बाधाएं दूर करने के प्रति वचनबद्ध है ताकि इस क्षेत्र में अधिकाधिक विदेशी निवेश आकर्षित  किया जा सके।

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वीके/आरएस/एमबी- 5230

Wednesday, 25 October 2017

रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण महत्वपूर्ण है : रक्षा राज्य मंत्री

रक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष भामरे ने कहा है कि स्वदेशीकरण किसी भी संगठन के लिए महत्वपूर्ण होता है। लेकिन रक्षा क्षेत्र के लिए यह अधिक आवश्यक है क्योंकि इससे आत्मनिर्भरता बढ़ती है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आज यहां समस्याओं के समाधान के लिए “भारतीय सेना का स्वदेशी प्रौद्योगिकीय सशक्तिकरण” विषय पर एक सम्मेलन का उद्घाटन किया।

डॉ. भामरे ने कहा है कि सभी हितधारकों को स्वदेशीकरण के महत्व को पूरी तरह से अपनाना चाहिए और भविष्य के सभी अधिग्रहण कार्यक्रमों में “मेक इन इंडिया” को लागू करना चाहिए। उन्होंने भारतीय सेना की सराहना करते हुए कहा कि सेना ने इस उद्देश्य की दिशा में न केवल कई पहल की है बल्कि सैन्य डिजाइन ब्यूरो भी गठित किया है, जो भारतीय उद्योग तथा शैक्षणिक समुदायों की चर्चाओं और सहभागिता सुविधा उपलब्ध कराने के लिए असाधारण संगठन है।

रोजमर्रा के सभी पहलुओं में प्रौद्योगिकी व्याप्त है यह कहते हुए उन्होंने बताया कि युद्ध में इसकी प्रासंगिगता सबसे महत्वपूर्ण है और बेहतर प्रौद्योगिकियों वाले पक्ष की हमेशा जीत होगी। उन्होंने कहा, ‘पूरी तरह से स्वदेश में विकसित प्रौद्योगिकी से रक्षा क्षेत्र सही मायने में आत्मनिर्भर होगा।’ रक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि हाल ही में सरकार ने रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए कई पहल की है। रक्षा मंत्रालय में विशिष्ट परियोजनाओं के लिए प्रौद्योगिकीय विकास कोष है। उन्होंने कहा कि देश में मेड इन इंडिया मंच को पूरी तरह से अंगीकार करने के लिए स्किल इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया जैसी पहलों से रक्षा क्षेत्र में आवश्यक पारिस्थितिकीय तंत्र का निर्माण होगा।

डॉ. भामरे ने कहा है कि सरकार ने रक्षा क्षेत्र को अपने ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के केंद्र में रखा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कंपनियां देश के अत्यधिक प्रतिभावान और कुशल जन बल का उपयोग कर भारत में निवेश करने की इच्छा व्यक्त कर रही हैं। इस क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं और मित्र देशों को भी उत्पादों का निर्यात किया जा सकता है। डॉ. भामरे ने समारोह स्थल पर समाधान और नवाचार की एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि सेना के लिए आवश्यक उपकरणों की जरूरतों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए सेना ने देश में शैक्षिक और उद्योग को प्रोत्साहित किया है।

इस अवसर पर फिक्की के महासचिव डॉ. संजय बारू, भारत फोर्ज लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री बाबा एन कल्याणी और लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सुब्रत साहा ने भी अपने विचार रखे।

इस कार्यक्रम में भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय, फिक्की के वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग तथा शैक्षिक समुदाय के कई प्रतिनिधि शामिल हुए।