ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 15 Dec 2017 11:37 PM IST

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भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में जब शुक्रवार को 50 साल बाद 1967 बैच के अधिकारी पहुंचे तो शहीदों को याद कर जांबाजों की आंखें नम हो गईं।
मौका था 40वें रेगुलर और 24वें तकनीकी एंट्री कोर्स की गोल्डन जुबली रियूनियन का। इस दौरान विभिन्न युद्धों में शहीए हुए अधिकारियों को श्रद्धांजली दी गई। वर्ष 1967 में पास आउट होने वाले इस बैच ने देश सेवा को समर्पित कई जांबाज अधिकारी दिए।
इनमें कैप्टन देवेंद्र अहलावत को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा दो वीर चक्र, दो शौर्य चक्र और छह सेना मेडल भी बैच के अधिकारियों के नाम हैं। इस बैच ने नौ लेफ्टिनेंट जनरल दिए।
जिनमें एक इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के चीफ , एक वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ , तीन सेना कमांडर, एक उप सेनाध्यक्ष और तीन विभिन्न विभागों के महानिदेशक शामिल हैं। इतना ही नहीं कोर्स के सदस्य जनरल केएस राव दुनिया भर में अपनी नौकाओं में प्रक्षेपण करने वाले पहले भारतीय थे।
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